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Saturday, 18 October 2014

सरिता की ऑंखें


आज से 15 वर्ष पूर्व ,जयपुर से प्रकाशित पाक्षिक पत्रिका बालहंस 
के नवंबर प्रथम 1999 के अंक में प्रकाशित,दीपावली को यादगार बनाने वाली एक मर्मस्पर्शी कहानी "सरिता की ऑंखें"